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मेरे शिशॠको तेज बà¥à¤–ार है। कà¥à¤¯à¤¾ यह चिंता की बात है?
यह आपके शिशॠकी उमà¥à¤° पर निरà¥à¤à¤° करता है। यदि शिशॠछह महीने से कम उमà¥à¤° का है तो बà¥à¤–ार होना चिंताजनक हो सकता है।
ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशà¥à¤“ं को तेज बà¥à¤–ार होना असामानà¥à¤¯ है, और यदि तेज बà¥à¤–ार हो, तो यह इस बात की चेतावनी है कि कà¥à¤› गड़बड़ जरà¥à¤° है।
शिशॠको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚, यदि वह:
तीन महीने से कम उमà¥à¤° का है और उसे 100.4 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤–ार हो।
तीन से छह महीने की उमà¥à¤° का है और उसका तापमान 102.2 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो।
मगर यदि आपका शिशॠछह महीने से बड़ा है, तो आप उसकी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का अंदाजा हमेशा उसके बढ़े हà¥à¤ तापमान से नहीं लगा सकती हैं। आमतौर पर बà¥à¤–ार का कोरà¥à¤¸ पूरा होने देना ठीक रहता है और कई बà¥à¤–ार बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ और अपने आप ठीक हो जाते हैं।
इस उमà¥à¤° में, यदि आपके शिशॠको बà¥à¤–ार हो मगर वह इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ न लग रहा हो हो सामानà¥à¤¯ ढंग से खेल और दूध पी रहा हो तो आपको चिंता करने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। मगर, फिर à¤à¥€ आपको उसपर नजर रखनी पड़ेगी कि वह पहले से बेहतर महसूस कर रहा है या नहीं। साथ ही अनà¥à¤¯ चिंताजनक संकेतों जैसे कि सांस लेने में परेशानी, à¤à¥‚ख कम लगना, उनींदा होना या आसपास की चीजों में रà¥à¤šà¤¿ न दिखाना आदि पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें।
अतिरिकà¥à¤¤ सलाह के लिठहमेशा अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। उदाहरण के तौर पर शिशॠका बà¥à¤–ार यदि 104 डिगà¥à¤°à¥€ पहà¥à¤‚च जाठतो डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको तà¥à¤°à¤‚त आने के लिठकह सकते हैं। या फिर 24 घंटों के बाद à¤à¥€ बà¥à¤–ार बना रहे, फिर चाहे अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ हो या नहीं।
बà¥à¤–ार के इन सात आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में à¤à¥€ जानकारी रखें और अपनी अंत:पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ (इंसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚कà¥à¤Ÿ) पर विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ करें। शिशॠकी उमà¥à¤° चाहे कितनी à¤à¥€ हो, अगर आपको लगे कि शिशॠकी तबियत ठीक नहीं है, तो हो सकता है आप सही हों। शिशॠके उपचार के बारे में अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤–ार होने की कà¥à¤¯à¤¾ वजह हो सकती है?
आपके शिशॠको बà¥à¤–ार इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उसका शरीर किसी इनफेकà¥à¤¶à¤¨ या बीमारी से लड़ रहा है। शरीर का बढ़ा हà¥à¤† तापमान शिशॠकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ की इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ने में मदद करता है।
कई बार बà¥à¤–ार होने के सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कारणों का पता नहीं चलता, मगर कà¥à¤› आम कारण नीचे दिठगठहैं:
शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ (रेसà¥à¤ªà¤¿à¤°à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ टà¥à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿ इनफेकà¥à¤¶à¤¨-आरटीआई)। नाक, गले, वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— और फेफड़ों के किसी à¤à¥€ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ को आरटीआई कहा जाता है। आरटीआई में बà¥à¤°à¥‹à¤‚कियोलाइटिस, कà¥à¤°à¥‚प और काली खांसी शामिल है। कà¥à¤°à¥‚प और काली खांसी में बà¥à¤–ार आमतौर पर खांसी होने से पहले होता है।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कान का इनफेकà¥à¤¶à¤¨
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कान का इनफेकà¥à¤¶à¤¨
विषाणॠजनित इनफेकà¥à¤¶à¤¨ जिनमें चकतà¥à¤¤à¥‡ होते हैं, जैसे कि छोटी माता (चिकनपॉकà¥à¤¸) या लाल खसरा (रासà¥à¤¯à¥‹à¤²à¤¾)।
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ जो कि गलतà¥à¤£à¥à¤¡à¤¿à¤•ा (टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤²) में सूजन होना है। यह आमतौर पर विषाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होता है, मगर कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° यह जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से à¤à¥€ हो सकता है।
गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ या शिशà¥à¤“ं में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£
पेट का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेराइटिस)
जीवाणà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ जैसे कि टाइफाइड।
मचà¥à¤›à¤°à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ बीमारियां।
तापघात (हीट सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•)
शिशà¥à¤“ं को अकà¥à¤¸à¤° टीकाकरण के बाद à¤à¥€ बà¥à¤–ार हो जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको बताà¤à¤‚गे कि टीकाकरण के बाद किन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठशिशॠपर नजर रखनी चाहिà¤à¥¤
आपने यह सà¥à¤¨à¤¾ होगा कि शिशॠके दांत निकलने पर à¤à¥€ उसे बà¥à¤–ार हो सकता है। बहरहाल, दांत निकलने से शिशॠको परेशानी जरà¥à¤° हो सकती है, मगर इसकी वजह से बà¥à¤–ार या पेट में गड़बड़ी नहीं होती।
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि शिशॠको बà¥à¤–ार है?
आमतौर पर आप शिशॠको छूकर ही यह पता लगा सकती हैं कि उसे बà¥à¤–ार है। उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ सामानà¥à¤¯ से काफी गरà¥à¤® महसूस होगी। आप उसका माथा छूकर देख सकती हैं, और यदि शिशॠतीन महीने से कम उमà¥à¤° का है, तो उसकी छाती या पीठछूकर पता लगा सकती हैं। हो सकता है आपके शिशॠके गाल लाल हों और वह काफी चिपचिपा या पसीने में तर लगे।
यदि आपको लगे कि शिशॠको बà¥à¤–ार है तो बेहतर है कि सही रीडिंग के लिठथरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° से उसका तापमान मापें। शरीर का सामानà¥à¤¯ तापमान 96.8 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट और 98.6 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट के बीच होता है। मगर यह हर बचà¥à¤šà¥‡ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• डिगà¥à¤°à¥€ के कà¥à¤› पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट ऊपर-नीचे हो सकता है। अगर तापमान शिशॠके लिठसामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो, तो वह बà¥à¤–ार है।
बà¥à¤–ार मापने के लिठआपको कोई महंगा थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° खरीदने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। अधिकांश थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में आसान होते हैं और इनमें पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ दिठहोते हैं।
डिजिटल थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° घर में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के लिठशायद सबसे बेहतर होते हैं। इसे शिशॠकी बगल में लगाकर बाजू नीचे कर दें। माप ले लेने के बाद बीप की आवाज करते हैं।
कान में लगाने वाले थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° काफी सटीक परिणाम देते हैं, और इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में केवल à¤à¤• सैकंड लगता है, मगर ये काफी महंगे होते हैं। साथ ही इनका सही ढंग से इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर पाना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠहिलते-डà¥à¤²à¤¤à¥‡ रहते हैं और उनका कान का छेद छोटा होता है।
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª-टाइप थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° इतना सटीक परिणाम नहीं दे पाते कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये केवल शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ का तापमान दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¥‡ हैं, उसके शरीर का नहीं। इसलिठबेहतर यही है कि सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤ª-टाइप थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न किया जाà¤à¥¤
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरह के थरà¥à¤®à¥‹à¤®à¥€à¤Ÿà¤° और उनके फायदे व नकà¥à¤¸à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ के बारे में हमारा यह सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ देखें।
बचà¥à¤šà¥‡ का बà¥à¤–ार ठीक करने के लिठमैं कà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
शिशॠको आराम पहà¥à¤‚चाने के लिठआप नीचे दिठगठउपायों को अपना सकती हैं:
अपने शिशॠको खूब सारा तरल पदारà¥à¤¥ पीने के लिठदें, ताकि वह जलनियोजित (हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡) रह सके। यदि वह अननà¥à¤¯ ​सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ (à¤à¤•à¥à¤¸à¤•à¥à¤²à¥‚सिव बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग) करता है, तो उसे अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाà¤à¤‚। यदि वह फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पीता है, तो उसे उबालकर ठंडा किया गया पानी à¤à¥€ पिलाà¤à¤‚।
अगर आपके शिशॠने ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥ कर दिया है, तो यदि बà¥à¤–ार के पहले दिन वह खाना न खाना चाहे तो चिंता न करें। पहले दिन के बाद उसे छोटे-मोटे सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ देती रहें ताकि उसका ऊरà¥à¤œà¤¾ का सà¥à¤¤à¤° बना रहे।
बीमार होने पर आपका शिशॠआराम करना चाहेगा, ​इसलिठउसे रिलैकà¥à¤¸ करने या à¤à¤ªà¤•ी लेने में मदद करें। उसे कहानी पढ़कर सà¥à¤¨à¤¾à¤à¤‚ और लेटे हà¥à¤ छोटे-मोटे खेल खिला सकती हैं।
शिशॠको à¤à¤¸à¥‡ कपड़े पहनाठजिनमें वह सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आरामदायक रहे, उसके सिर को न ढकें। बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कपड़े पहनाकर उसके शरीर में गरà¥à¤®à¥€ न बढ़ाà¤à¤‚। रजाई और दौहर की बजा चादर और हलà¥à¤•े कंबल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सही रहते हैं और जरà¥à¤°à¤¤ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हटा à¤à¥€ सकती हैं।
बà¥à¤–ार कम करने के लिठशिशॠका मà¥à¤‚ह, गरà¥à¤¦à¤¨, बाजà¥à¤à¤‚ और टांगों को हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से पौंछें।
रात में समय-समय पर शिशॠकी जांच करती रहें।
बेहतर महसूस होने तक शिशॠको कà¥à¤°à¥‡à¤š या डेकेयर न à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤‚।
शिशॠयदि असहज या परेशान हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° अधिकांश मामलों में शिशà¥à¤“ं को इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट पैरासिटामोल देने की सलाह देते हैं। मगर शिशॠको किसी à¤à¥€ तरह की कोई दवाई देने से पहले हमेशा अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह करें। साथ ही आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाà¤à¤‚ बिना दवा देकर अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दबाना नहीं चाहेंगी।
खà¥à¤°à¤¾à¤• को लेकर शिशॠके डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह का पालन करें। सही खà¥à¤°à¤¾à¤• बचà¥à¤šà¥‡ के वजन के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होती है न कि उसकी उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको सही खà¥à¤°à¤¾à¤• की गणना करने में मदद करेंगे।
सही मातà¥à¤°à¤¾ में खà¥à¤°à¤¾à¤• देने के लिठशिशॠको दवा के साथ आने वाले माप कप का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें। साथ ही, लिखकर रख लें कि शिशॠको दवाई कब दी थी ताकि आप बà¥à¤–ार कम करने की दवा निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ से अधिक न दे दें।
आपने शायद पैरासिटामोल और​ शिशà¥à¤“ं में सांस फूलने या असà¥à¤¥à¤®à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होने के बीच संबंध के बारे में सà¥à¤¨à¤¾ होगा। मगर, चिंता न करें, इस बात के कोई पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं हैं कि पैरासिटामोल से ये समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं। यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° शिशॠको सही खà¥à¤°à¤¾à¤• दी जाठतो पैरासिटामोल सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
यदि आपके शिशॠको डेंगू जैसी बीमारी है या फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को लगता है कि उसके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की वजह डेंगू हो सकता है तो वे आपको शिशॠको आईबूपà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ या मेफà¥à¤Ÿà¤¾à¤² न देने की सलाह देंगे। ये उसके खून में से पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¤²à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ कम कर सकते हैं और रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ का खतरा बढ़ सकता है।
आपको बचà¥à¤šà¥‡ को कà¤à¥€ à¤à¥€ à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ नहीं देनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ को रेज सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के साथ जोड़ा जाता है, यह à¤à¤• दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मगर गंà¤à¥€à¤° और कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° जानलेवा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ हो सकती है।
मà¥à¤à¥‡ कैसे पता चलेगा कि शिशॠका बà¥à¤–ार गंà¤à¥€à¤° है?
अगर शिशॠको बà¥à¤–ार के साथ-साथ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई दे रहे हों, तो ये किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी का संकेत हो सकते हैं। इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें:
आपके शिशॠकी उमà¥à¤° दो महीने से कम है और वह दूध नहीं पी रहा। इसमें सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ और बोतल से दूध पिलाना दोनों शामिल हैं।
आपका शिशॠविशेषरूप से काफी उनींदा या सà¥à¤¸à¥à¤¤ लगे।
शिशॠहांफ रहा है, सांस लेते समय घरघराहट की आवाज आ रही है या उसे सांस लेने में इतनी मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही है कि उसका पेट पसलियों में धंस रहा है।
आपके शिशॠके सिर पर नरम सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ यानि कलांतराल धंसे हà¥à¤ है और साथ में अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ जैसे कि सूखे होंठ, आंसू न आना, सामानà¥à¤¯ से कम लंगोट गीली करना आदि। ये सà¤à¥€ शरीर में पानी की कमी के लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं।
शिशॠको बिना किसी कारण चकतà¥à¤¤à¥‡ हो रहे हैं या तà¥à¤µà¤šà¤¾ धबà¥à¤¬à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो गई है।
यदि शिशॠको सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो रही हो या आपको लगे कि उसे कोई गंà¤à¥€à¤° इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो गया है, तो उसे सीधे नजदीकी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के आपातकालीन विà¤à¤¾à¤— में ले जाà¤à¤‚। कà¥à¤› संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ को उपचार न किया जाठतो वे जानलेवा हो सकते हैं, हालांकि à¤à¤¸à¤¾ होना दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। à¤à¤¸à¥‡ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
मेनिंजाइटिस, यह मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और मेरॠरजà¥à¤œà¥ के आसपास की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में होने वाला इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है।
सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸, यह रकà¥à¤¤ संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
निमोनिया, इसमें फेफड़ों में सूजन होती है जिसकी वजह आमतौर पर कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है।
चाहे आपके शिशॠकी उमà¥à¤° कà¥à¤› à¤à¥€ हो, यदि आप उसे लेकर चिंतित हैं, तो चिकितà¥à¤¸à¤•ीय मदद लें। यदि आपका शिशॠछह महीने से कम उमà¥à¤° का है, तो विशेषतौर पर सावधानी बरतना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है। ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शिशà¥à¤“ं में बà¥à¤–ार होना काफी असामानà¥à¤¯ है और यह गंà¤à¥€à¤° हो सकता है।
बà¥à¤–ारी दौरे (फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनवलà¥à¤œà¤¨) कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
तेज बà¥à¤–ार के साथ कई बार दौरे पड़ने लगते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनवलà¥à¤œà¤¨à¥à¤¸ कहा जाता है। ये आमतौर पर केवल छह महीने से पांच साल तक की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
ये दौरे देखने में काफी à¤à¤¯à¤¾à¤µà¤¹ होते हैं, मगर आमतौर पर नà¥à¤•सानदेह नहीं होते। हालांकि, बà¥à¤–ारी दौरे देखने में लगता है कि ये काफी लंबे समय तक चलेंगे, मगर आमतौर पर ये तीन से छह मिनट के तक के लिठही रहते हैं।
निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अपने शिशॠको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के आपातकालीन विà¤à¤¾à¤— में ले जाà¤à¤‚:
उसे पहली बार यह बà¥à¤–ारी दौरा पड़ा है।
à¤à¤¸à¤¾ पहले à¤à¥€ हो चà¥à¤•ा है, मगर इस बार दौरे पांच मिनट के बाद à¤à¥€ नहीं रà¥à¤• रहे।
यदि आपके शिशॠको पहले à¤à¥€ फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनवलà¥à¤œà¤¨à¥à¤¸ हà¥à¤ हैं, तो आपको शायद उसे आपातकाल विà¤à¤¾à¤— में ले जाने की जरà¥à¤°à¤¤ न हो। हालांकि, तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करके सलाह लें।
उसके सिर को अपने हाथों या किसी मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® चीज पर रखें और उसे घेरकर खड़े न हों, आसपास खà¥à¤²à¥€ जगह रहने दें। यदि यह संà¤à¤µ न हो, तो उसे किसी सà¥â€‹à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर ले जाà¤à¤‚।
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